Thinking Beyond Principles

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क़तरनाक आतंकवादी एम्.ऍफ़.हुसैन

Posted On: 29 Mar, 2010 में

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जय हिंद !

आतंकवाद को मूर्त रूप देने के वैसे तो बहुत तौर तरीके है.मगर अभी हाल ही में ,मैं उस व्यक्ति जिसके पलायन पर तमाम तुस्टीकरण की राजनीती करने  वाले और मीडिया चिल्ल पो,मचा रहे  है के घिनौने तौर तरीको से वाकिफ हुआ ,जो की अब तक इस्तेमाल नहीं हुए थे.
आतंकवाद सिर्फ मानव मात्र  को काटना मरना ही नहीं उसके मूल धर्मं का नाश करना भी है,क्योंकि धर्मं के बगैर तो जीवन संभव ही नहीं है.
देखते है कैसे?
“एंटी हिंदुज ” नामक  पुस्तक के लेखक द्वय इस बात का जवाब देते है.
एम् .ऍफ़ . हुसैन की कुछ पेंटिंग्स के हवाले से-
१.शीर्षक दुर्गा में माँ दुर्गा को बाघ के साथ रति क्रिया में संलिप्त चित्रित किया गया है.
२.रेस्कुइंग सीता में जानकी जी को नग्न  अव्श्था में हनुमान जी की लैंगिक रूप में चित्रित पूंछ को पकडे हुए दर्शया गया है.
३.भगवन विष्णु जी को विकृत और हाथ पैरो से विहीन दिखाया गया है.
४.विद्या माता को नग्न दिखाया गया है.
५.नग्न माता लक्ष्मी  जी को गणेश जी के सर पर स्वर पैंट किया है इस स्वतंत्र चित्रकार ने.
६.हनुमान-४ नामक पेंटिंग में तो ब्रम्हचर्य की प्रतिमूर्ति हनुमान प्रभु को अपना जननांग एक युगल की तरफ दिखाया गया है.
७.हनुमान -१३ में तो  हद हो गयी है.माँ जानकी को नग्न अव्श्था  में नग्न रावन के जांघ पर बैठा हुआ दिखाया गया है,और हनुमान जी नंगे है और अपनी गदा से रावन पर वार कर रहे है.
८.एक पेंटिंग में माता पारवती जी को सांध /बैल  के साथ  सहवास करते हुए दिखाया गया है.
आप चाहे तो इस दुस्त कि ,कुत्सित मानसिकता का परिचय ले सकते है.कृपया नीचे क्लीक करे-
http://www.youtube.com/watch?v=25zh8i9_VAM
YouTube Preview Image

जिस कलात्मकता की स्वतंत्रता  की बात ये आज के नेता मीडिया और तुस्टीकरण की राजनैतिक रोटिया  सकने वाली सरकारे कर रही है,उन्हें ये क्यों नहीं दिखाई देता की,उस कलाकार की स्वतंत्रता कहा चली जाती है,जब वो पैगम्बर की बेटी को कपड़ो में दिखता है.इतना ही नहीं वो माँ और बेटी को भी कपड़ो में दिखता है.
सच तो बस ये  है की.एम्,ऍफ़.हुसैन विकृत कामवासना से ग्रस्त एक ऐसा व्यक्ति है,जो हिन्दू जनता के लिए खतरनाक ही नहीं  “क़तरनाक”  भी सिद्ध हुआ है.
आज कल वो तो क़तर में जाके ऐसो आराम से रह रहा है,और अपने को हिंदूवादी कहलाने वाली पार्टिया जैसे की भारतीय जनता पार्टी,विश्व हिन्दू परिषद्,राष्ट्रिय  स्वंसेवक संघ आदि आदि…….. अनेको पार्टिया बस कागज़ी शेर बनने के  अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहे है.एम्.ऍफ़.हुसैन आतंकवादी है क्योकि उसने ८० करोड़ हिन्दू भावनाओ का बलात्कार किया है,गला घोटा है हमारी अश्था  का.
आखिर कब तक हम ऐसे ही चुप होकर अपनी नामर्दी की पहिचान कराते रहेंगे.अब वक्त आ गया है की हम इस नीच और कुत्सित मानसिकता के जीव को सजा दे.गीता में लिखा है,
|| यदा यदा ही धर्मस्य

ग्लानिर भवति भारत

अभ्युत्थानं धर्मस्य

तदात्मानंस्राजम्यहम  ||

अर्थात अब तो तुम इस उदारवाद और अहिंसा की जंजीर को तोड़ दो और नया अवतार लो.मुझे  तो आज के परिप्रेच्य में  इस श्लोक का अर्थ यही समझ में आता है.
माना कि हम हिन्दू लोग शांति के परिचायक,सहनशीलता के प्रतिमूर्ति और धर्म-ध्वजा के वाहक है,लेकिन हम इतने कमजोर नहीं की अपने आन बान और शान की रछा भी न कर सके..और वो भी जब बात हमारे ईस्ट देवी देवतावो की हो.
गोस्वामी जी ने भी लिखा है –
काटे पाई कदली फरई कोटि जतन कोऊ सींच,
विनय न मानही खगेश सुनु डांटे पाई नव-नीच.
अर्थात जिस प्रकार केले का पौधा बिना कटे फल नहीं दे सकता उसी प्रकार से ऐसे दुष्ट व्यक्ति को सजा दिए बिना भलेमंसाहत की इछा व्यर्थ ही सिद्ध होगी.

जरूरत है तो उसे वहा से हमारा कानून घसीट कर यहाँ ले आये और कड़ी से कड़ी सजा दे,वर्ना गीता में यह भी लिखा है की धर्म की रछा के लए मारना हत्या  करना नहीं वध कहलाता है.
इससे पहले की कोई कट्टर हिन्दू भाई बहन उसका गला धड से अलग कर दे ,कृपया ऊपर ओहदे पर बैठे लोग इस बात पर अमल करे.

आपका सुभेछु :-
अमरेश पाण्डेय “सिद्धांत”

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92 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rakesh के द्वारा
April 29, 2013

ि्ि्ि्

shuryadevsingh के द्वारा
December 13, 2010

नमस्कार पाण्डेय जी.बहुत ही उत्तम और सारगर्भित लेख आपने लिखा.आज जब की तमाम ताकते हमें गुलामी की जंजीरों में बांध के रखना चाहती है,आपने ऐसा ज्वलंत लेख लिख के तमाम सोते हुए शेरो को जगा दिया.बहुत ही हिम्मत का काम किया है आपने.और हा चाहे कितनी भी देशद्रोही ताकते आपको डराए धमकाए आप झुकना मत,क्योंकि जब मार्गदर्शक ही झुक जायेगा तो कौन पथ पर सतत चलने की प्रेरणा देगा.वक्त आने दे बता देंगे क्या हमारे दिल में है…….देहु शिव वर मोहे वही शुभ कर्मन ते कबहू न हटूजो बोले सो निहाल सतश्री अकाल ……………….

rajkamal के द्वारा
June 5, 2010

tap 20-20 me aa ne ke liye badhai

om prakash shukla के द्वारा
April 23, 2010

Amerace ji apne karodo hinduo ki bhawanao ko hi awaj de hai,hindustan me panthnirpekchata ke metlab hi hindu varodh me nihit hai.Husain ko kisi ne nahi bhagaya hai. wah khud hi desh chod ker bhaga hua mujrim hai ,kayade se bharat sarkar ko uske pratyarpad ki mag karni chahiye.Abhi hans patrika me Taslima NASRIN KA LEKH PRAKASIT HUA HAI JISME UNHONE HUSAIN KE SATH APNA NAM JODANE PER KADI APATTI KI HAI.UNKA KAHAN HAI KI MA BHI ABHIVYATI KI SWATANTRATA KI SAMARTHAK HU LEKINMA NASTIK HU MA KISI BHI DHARM KE BARE ME KISI TARAH KI TIPADI KER SAKATI HU LEKIN HUSAN TO AONE DHARM KE LIYE KHATI ASTIC HAI. UNHO NE UH BHI LIKHA HAI KI IS VIVAD KE BAD MANE KHOJ KHOJ KER HUSAIN KI SABHI PAINTING DEKHI HAI AUR KISI ME ISLAM KE KHILAF KUCH NAHI PAYA HAI BALKI WE TO HER PAINTING ME ARBI ME ALLAH LIKHTE HAI.AUR ISTARAH UNHE KOI HAQ NAHI KI KISI DUSARE SAMPRADAY KI BHAWANAO KE SATH ABHIVYACTI KI SWATANTRATA KE NAM PER UNAKI BHAWANAO KE SATH KHILWAD KARE.ABHIVYACTI KE CHATUKAOKI DHARMNIRPEKCHATA TASLIMA NASRIN KE MAMLE ME KAHA CHALI JATI HAI.YAH SAB SIRF VOTE KA MAMLA HAI JISKE LIYE YE DHARMNIRPKCHATA KE HIMAYTI APNI BAHAN BETIO KA SUODA KERNE ME BHI SANKOCH NAHI KAREGE NAHI TO IS BAT KA INKE PAS KYA UTTAR HAI KI TASLIMA NASRIN KE SAMBANDH ME AURO KO TO CHODIE SECULAR RJNEET KE CHAMPION COMUNIST BHI BENAKAB HO CHUKE HAI.CONGRES SE TO YAHI UMID HI THI INLOGO KE PAS AB ABHIVYACTI KI SWATANTRATA KE KYA MANE HAI JAB IN LOGO KE MUH PER THUK KER EK AISE DESH KI NAGRIKTA LE LIYE HAI JAHA ABHIVYACTI KA KOI MATALAB HI NAHI ,AB TO IN BESHARNO KO APNA MUH CHUPA LENA CHAHIYE LEKIN YE KHALIS DOGLE LOG HAI JINHE DENMARK KE CORTUNIST KA SER KALAM KARANE KI ALOKTANTRIC GHOSADA PER KUCH BHI BURA NAHI LAGATA LEKIN HUSAIN KE BEHUDE KAM PER RONA ME SHARM BHI NAHI ATI ITANA INLOGO KO CHAHIYE KI APNE PADA HONE KE SAMAY KA APNI MA KI NAGI PAINTING BANWA KER USKI PUJA KARE.INHE SARASWATI YA LAKCHAMI KI NANGI PAINTIG SE KOI FARAK NAHI HOTA TO SHAYAD APNI MA KI NANGI PAITING DEKH KER AM DESHVASIO KI BHAWANAO KA ANUMAN HA SAKE VAISE ISAKI BHI SAMBHAWANA KAM HI HAI.AMRESH JI EK BAR FIR EK BAHUT HI ACHCHA LEKH LIKHANEKE LIYE BADHAI SWIKAR KARE.

    siddhant के द्वारा
    April 23, 2010

    सही कह रहे है आप पंडित जी……………बस हो सके तो इसे सभी को बताने का कस्ट करे

priya के द्वारा
April 13, 2010

सिद्धांत जी ,अगर कोई हमारे माफ़ करने की आदत को हमारे देश की कमजोरी समझता है तो उस का कोई निदान नहीं है वैसे भी सर्व विदित है जो हमसे टकराएगा चूर चूर हो जायेगा …………यही भारत का इतिहास रहा है ये mf जैसे लोग अच्छी तरह से जानते है तब ही छुप कर है वो जानते है की हम लोगो पर सामने से वार कर नहीं सकते इस लिए चूहों की तरह छुप करhi कुछ करते है ,यही पड़ोसी मुल्क का भी हाल है.

priya के द्वारा
April 13, 2010

यारो उस पागल बुढ्ढे पर बहस करने से क्या होगा वो तो पागल है ही .बेचारा ये नहीं जानता की जब मरेगा तो उस ही भगवान के पास जायेगा. मरेगा तो कफ़न भी नहीं मिलेगा .तब नरक में जाकर के अपनी नगी तस्वीर बनवाएगा .बस कुछ ही दिन में मर जायेगा बेचारा कब्र में पैर लटकाके तो है बेचारा .जानेदो उसे ये कमेन्ट देख कर मर ही जायेगा बेचारा …………………………………………………………………भगवान उस का भी भला करे ……………………..

    SIDDHANT के द्वारा
    April 13, 2010

    ओके प्रिय जी,लेकिन इस माफ़ करने की आदत को ही कुछ लोग हमारी कमजोरी समझ लेते है..जैसे की हमारा दुश्मन मुल्क पाकिस्तान…… वैसे आपके कमेंट्स के लिए लख लख बधाई ……..

kabir के द्वारा
April 10, 2010

आप हिन्दू लोग शांति के परिचायक,सहनशीलता के प्रतिमूर्ति और धर्म-ध्वजा के वाहक है,लेकिन हज़ारो सालो से पिटते भी चले आ रहे है,,आप लोगो के साथ हर जगह ऐसा क्यों होता है चाहे वो अपना घर हो या बाहर, हुसैन जैसे लोग पहले भी आते रहे है और आगे भी आयेंगे,पहले अपना घर सुधारे,दुनिया उसका सम्मान करती है जो अपना सम्मान खुद करता है,आप लोग खुद अपने देवी देवताओ के फोटो सड़क पर फ़ेंक देते है और दुसरो से ये आशा करते है की वो उन्हें सम्मान दे!

    durvesh के द्वारा
    April 10, 2010

    कबीर साहब आप कहते है की,हम हमेशा से ही पिटते आ रहे है,लेकिन शायद आप ने इतिहास की इबारते नहीं देखि है,गवाह है इतिहास की जब जब हिंदुवो का खून गरम हुआ तो,तारीख की रगों में लहू दौड़ उठा.हम माफ़ी देने में ही बद्दापन समझते है,वरना पाकिस्तान जैसे देश का नक्षा कब का दुनिया के मानचित्र से गायब हो चूका होता. और रही बात देवी देवताओ के फोटो की तो रामचरित मानस में लिखा है,कण कण में बसते है श्री राम………………….

s pandey के द्वारा
April 10, 2010

वक्त आने दे बता देंगे तुझे ये आसमां हम अभी से क्या बताए क्या हमारे दिल में है ……………………………. अमरेश जी आप को ध्यान्बाद जो आपने ये इक मंच दिया जहा की अपनी बेबसी का दर्द कुछ कम हो सके. और आप सभी लोगों से निवेदन है की इस अग्नि को जलाये रखने में सहयोग करे ताकि वो पापी आत्मा पुनः इस पवन धरती पर कदम न रख सके…………..

    siddhant के द्वारा
    April 10, 2010

    जय हिंद जहा की अपनी बेबसी का दर्द कुछ कम हो सके. इतना मायुश होने की जरुरत नहीं है,भैया,,गवाह है इतिहास की जब जब हिंदुवो का खून गरम हुआ तो,तारीख की रगों में लहू दौड़ उठा.

    siddhant के द्वारा
    April 10, 2010

    please share it with all ur frnds…………………..just make it fire for dat bloody painter

vats के द्वारा
April 7, 2010

फैज़ फातिमा नकवी जी, लगता है आप मेरी बात का अर्थ समझ ही नहीं सके. अफसोस कि मेरे अति उदार विचार भी आपको पूर्वाग्रहों से मुक्त नहीं कर सके. आप लोग चाहे हिन्दू हों या मुसलमान या किसी और पंथ को स्वीकार करने वाले एक बात सर्वदा स्मृति में रखें कि किसी भी धर्म, व्यक्ति या समुदाय को चोट पहुंचाने वाले को हक़ ही नहीं है कि वह ज़िंदा रहे इस धरती पर. ऐसे पापियों को अविलम्ब पृथ्वी से कूच करा देना समाज की जिम्मेदारी है वह चाहे एम् ऍफ़ हुसैन हो या कोई और. आप सभी मानव धर्म का दृढ़ता से पालन करें और देश सहित सम्पूर्ण विश्व को नक्सलवादियों, आतंकवादियों, अपराधियों, बलात्कारियों, निर्दोषों को सताने वालों से मुक्त करने में सहयोग दें साथ ही धर्म के प्रति कट्टरता छोड़कर इंसानी कर्तव्यों के प्रति कट्टरता अपनाएं. .

    siddhant के द्वारा
    April 8, 2010

    please share it with all………..

naveen kumar SHARMA के द्वारा
April 7, 2010

MERE HISAB SE M.F. HUSSAIN KO HAATHON KO KATKAR AUR USKE ZAKHMON PAR NAMAK MIRCH DAALKAR USKI KODO SE PITAI KI JAYE. AUR USSE AADHI MAUT KI AWASTHA MEIN CHHOD DIYA JAYE AUR ROZANA USKE ZAKHMO PAR NAMAK AUR MIRCH DAAL KAR RAGDA JAYE.

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    नवीन साहब एक बात अछी है आप में की आप ने बिलकुल ही नवीन हल दिया इस सवाल का.अगर हो सके तो आप इसे शेयर करे अपने सभी दोस्तों को,और मीडिया तक ले जाये,किसी को डर लगता हो तो कैमरे के सामने मैं बयान दूंगा. धन्यवाद्…..बहुत बहुत धन्यवाद् ………………..

vikash ranjan के द्वारा
April 6, 2010

hussain ने जो किया वो कोई इन्स्सन नहीं कर सकता है,ये सैतान का कम है .लेकिन इससे ज्यादा buri बात तो ये है की ,इतना hone के बाद भी भारतीय सेकुलर बुद्धिजीवी उसके कानून के डर से भागने पर हिन्दुओ को गली de रहें है.आखिर ऐसा क्यों है की २५ karor वोट के लिए सब कुछ ,८० करोर के लिए कुछ नहीं .हमें अपनी कमजोरी को ख़त्म करना होगा .rahi बात हुसैन के समर्थकों की तो ,आभी भी उसे समर्थन देने के लिए तरह तरह का bahana ढूंढा जा रहा है .जैसे श्री राम जन्मभूमि mandir आदि आदि बात कह कर. आखिर ये कब तक चलेगा ,हमें कुछ करना ही होगा .

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    विकाश जी,नमस्कार .बहुत बहुत धन्यवाद् की आपने अपना बहुमूल्य समय दिया. आखिर ये कब तक चलेगा ,हमें कुछ करना ही होगा,तो विकास जी आप जहा से भी हो सके इस आग को हवा दीजिये,बस कही ऐसा नहीं हो की ये बस एक बुझता चिराग बन के रह जाये,मीडिया से लेकर जहा तक आप की पहुँच हो ,ले जाओ आप इसे.

Arunesh के द्वारा
April 6, 2010

M. F. hussain ka haanth -pair katkar sadak pe lita ke itna pathar maro ki ye na mare na jinda rahe. apne khuda se maut ki bhikh mange.

    siddhant के द्वारा
    April 6, 2010

    सही कह रहे हो अरुणेश जी,अरुणेश मतलब शुर्य ,जला दो इन पापियों को. बहुत बहुत धन्यवाद.

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    अरुणेश जी हो सके तो आप इस बात को सभी को बताओ,शेयर करो आप.

anshuman के द्वारा
April 5, 2010

76हिंदू धर्म को नीचा दीखाना हुसैन की फितरत हो चली है कि खुद को कहता है सेकुलर पर मुझे लगता है कि आज जो \"हिंदू विरोधी\" है वही सेकुलर है…… हुसैन को धड़ तक जमीन मे गाड़ना चाहिए फिर तब तक पत्थर मारना चाहिए जब तक ये शैतान मर ना जाए…

    siddhant के द्वारा
    April 6, 2010

    लाख लाख बधाई हो,अंशुमन जी,बस हो सके तो इस बात को मीडिया तक पहुंचा दीजिये.

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    अंशुमन साहब आप इस हिंदुवो के उत्पीडन की कहानी को सबको प्लीज़ शेयर करो.

arjun के द्वारा
April 4, 2010

भाई इस वीडियो को देखने के बाद तो जी चाहता है की,मर डालू ऐसे कमीने इन्सान को.खून खुल उठा है,इतना नीच और गिरा हुआ इंसान मैंने जिदगी भर में नहीं देखा है. अगर यही काम ये पैगम्बर के साथ करता तो,अब तक इसे मर दिया गया होता.यह विडम्बना ही है की,ऐसे दुष्ट को भारत रत्न मिला. मरो इसको

arjun के द्वारा
April 4, 2010

मई पूरी तरह से सहमत हु अमरेश से ,,इन्होने जो कुछ भी कहा है हुसैन के बारे में ……इससे लगता है की अमरेश जी कितने सजग है देश के लिए देश प्रेम की भावना इनमे कूट कूट कर भरी है ,,,,इन्होने जो कुछ भी कहा है सब कुछ सही है …..

Er. subhash chandra singh के द्वारा
April 3, 2010

इस म फ हुसेन को नंगा करके फिर इसकी तस्वीर बनानी चाहिए. ये आदमी दिमागी रूप से बिकृत हो गया है. इसको तो पैसा चाहिए. ये लोग क्या जाने की स्त्री की ताकत और इज्जत क्या होती है और स्त्री की सुन्दरता क्या है . क्यौकी इनके धर्म मैं तो स्त्री एक सामान और बच्चे बनाने की मशीन है.

    siddhant के द्वारा
    April 3, 2010

    you are very right सुभास साहब …………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    arjun के द्वारा
    April 4, 2010

    भाई इस वीडियो को देखने के बाद तो जी चाहता है की,मर डालू ऐसे कमीने इन्सान को.खून खुल उठा है,इतना नीच और गिरा हुआ इंसान मैंने जिदगी भर में नहीं देखा है. अगर यही काम ये पैगम्बर के साथ करता तो,अब तक इसे मर दिया गया होता.यह विडम्बना ही है की,ऐसे दुष्ट को भारत रत्न मिला.

    Faiz Fatima Naqvi के द्वारा
    April 6, 2010

    mr.singh…….first of all mind ur language…….u know wat…wat d problem is ….ppl make rules only 4 others bt dont follow thm….. i can c tat dere is no difference between mr.m.f.hussain n u ……bt only dis tat he uttered his badness by d medium of paintings n u r uttering urs ill mentality by ur writing……u too dont hv any rite to comment abt anyother religion…..wat do u mean by ” inke dharam”

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    सुभास जी आप इसे शेयर करो और हम सब इसे सजा दिलाएंगे. सबको भेज दो आप.

    khalid के द्वारा
    April 8, 2010

    सुभाष साहब जो काम एम् ऍफ़ हुसैन ने वाहियात पेंटिंग्स बनाकर किया है वही काम आप उसके धर्म (इस्लाम) के बारे में और पूरी क़ोम को घसीटकर कर रहे हे, इस्लाम में औरत का क्या दर्जा है इस टॉपिक पर बोलने से पहले रिसर्च कर ले तो बेहतर होगा, हर धर्म और क़ोम में अछे, बुरे इन्सान होते है किसी भी धर्म पर टिका टिप्पड़ी करने से पहले सोंच ले की आप क्या कह रहे हैं

SANTOSH KUMAR के द्वारा
April 2, 2010

Ha pandey g aap ka kahna bilkul shi hai lekin m.f husen ka sath whi log de rhe hai jeenke liye unke ma bhan ka nga citar se unko khyati milti hai to wo log bhla apne bhay ka sath kyu na de.or my mideeya se gujaris karna chahuga ki wo pandey g ko sath de .

    siddhant के द्वारा
    April 2, 2010

    you are very right संतोष जी …………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    SANTOSH KUMAR के द्वारा
    April 3, 2010

    santosh g aap ne jo kha hai wah saty hai ham aap ke bato ka samthan karte hai .

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    संतोष जी मुझे तो उसी दिन संतोष मिलेगा जब इस धर्म के बलात्कारी को फांसी होगी,कृपया इसे सबको शेयर करे.

Faiz Fatima Naqvi के द्वारा
April 2, 2010

hmmmmmm…..first of all …im respecting ur thoughts,,,n also consenting tat M.F.Hussain hs done through his paintings wz wrong…im too an Artist …so wanna to clear one thing tat it may be possible as Mr.Hussain said tat he didn\’t do it intentionally…n haan one more thing..i never caught out abt all above maintion paintings of M.F. Hussain….can u provide me details of dose paintings…??? next too dis …. as u said…..\"वर्ना गीता में यह भी लिखा है की धर्म की रछा के लए मारना हत्या करना नहीं वध कहलाता है.\" if it is so den why u blame dose who attack on Mumbai type disgraceful case??? Dose ppl also think same……!!! dont take it wrong ..i m just trying to wash out ur brain …..it is too much easy to do dis kind of violent comment \"इससे पहले की कोई कट्टर हिन्दू भाई बहन उसका गला धड से अलग कर दे\" bt u hv nt envisage tat it is making d roots of our nation weak n also making a fun of our country in world politics n also exposing our weakness ….        

    siddhant के द्वारा
    April 2, 2010

    you are very right फातिमा जी …………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    vats के द्वारा
    April 2, 2010

    आतंकवादी, नक्सलवादी या अपराधी किसी भी धर्म या समुदाय का हो उसकी ह्त्या करना सबसे बड़ी मानवता है और इनकी वकालत करने वालों को उनके सभी समर्थको सहित मार डालना सबसे बड़ा पुन्यात्मक कृत्य. रही बात एम् ऍफ़ हुसैन की तो उसने केवल एक धर्म विशेष के देवी देवताओं को ही निशाना बनाया जो उसकी सोची समझी रणनीति रही है. इसने इस्लाम के किसी प्रतीक को अपने अश्लील हरकतों में नहीं शामिल किया और उन पर अपनी गंदी कूची नहीं चलाई है. और कर भी कैसे सकता है क्योंकि उसे पता है कि अगर उसने ऐसी कुचेष्टा की तो इस्लाम के अनुयायी उसे जहन्नुम से भी निकाल कर लातिआएंगे तथा उसके खानदान का नामोनिशान धरती से मिटा देंगे. इस हरामी कुकर्मी ने कला को पेट भरने का साधन बनाया और आज हिंद के प्रतीकों को अपमानित कर क़तर में आराम फरमा रहा है. इस्लाम के सुभेक्षुओं को स्वयं ही उसे दण्डित करना चाहिए क्योंकि वास्तविक इस्लाम धर्म किसी भी धर्म के प्रतीकों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता.

    Faiz Fatima Naqvi के द्वारा
    April 6, 2010

    hmmmmm, siddhant, hv seen d vedio …its really vy bad….i do agree wid u…no one hs rite to make dis kind of paintings which hurts any one’s religion or personal opinion….bt still against d language u hv used in ur artical ……..

    Faiz Fatima Naqvi के द्वारा
    April 6, 2010

    @vats as u said”इस्लाम के सुभेक्षुओं को स्वयं ही उसे दण्डित करना चाहिए क्योंकि वास्तविक इस्लाम धर्म किसी भी धर्म के प्रतीकों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता.” me too trying to explicate d same thing….k its vain if v start to blame each other’s religion or personal feelings, ….if mr m f hussain did wrong thn should be punished bt d way must be rite …….. a bespeak to everyone …….”stop using abusedly language and also cease publishing downcast articals…..if one is interested in so thn join politics…..dere is a g8 scope 4 thm……”

    siddhant के द्वारा
    April 6, 2010

    फातिमा जी…….अ सलाम व आलेकुम ….. क्या हाल है? रही बात मेरे राजनीती में आने की तो १ बात तो तय हो जाएगी की,किसी भी देश द्रोही को जमाई की तरह जेल में नहीं डालने दूंगा.ताकि बाद में कुछ पैसो और पॉवर के दम पे उसे छुड़ा लिया जाये,या फिर कंधार कांड की तरह फिरौती में मुक्त कराया जाये .सीधा ही उसे,मुक्त कर दिया जायेगा.

    Faiz Fatima Naqvi के द्वारा
    April 6, 2010

    srry man…no one can help u…..tat wz nt for u ……..why did u took it 4 urself…?????..now wat can i say…..just poor fishy…..im buzzing off…stay happy…:)

    vats के द्वारा
    April 7, 2010

    फैज़ फातिमा नकवी जी, लगता है आप मेरी बात का अर्थ समझ ही नहीं सके. अफसोस कि मेरे अति उदार विचार भी आपको पूर्वाग्रहों से मुक्त नहीं कर सके. आप लोग चाहे हिन्दू हों या मुसलमान या किसी और पंथ को स्वीकार करने वाले एक बात सर्वदा स्मृति में रखें कि किसी भी धर्म, व्यक्ति या समुदाय को चोट पहुंचाने वाले को हक़ ही नहीं है कि वह ज़िंदा रहे इस धरती पर. ऐसे पापियों को अविलम्ब पृथ्वी से कूच करा देना समाज की जिम्मेदारी है वह चाहे एम् ऍफ़ हुसैन हो या कोई और. आप सभी मानव धर्म का दृढ़ता से पालन करें और देश सहित सम्पूर्ण विश्व को नक्सलवादियों, आतंकवादियों, अपराधियों, बलात्कारियों, निर्दोषों को सताने वालों से मुक्त करने में सहयोग दें साथ ही धर्म के प्रति कट्टरता छोड़कर इंसानी कर्तव्यों के प्रति कट्टरता अपनाएं. .

    kabir के द्वारा
    April 9, 2010

    आपने अच्छे तरीके से समझाया है फातिमा जी लेकिन जरा (it may be possible ) पर गौर करे आपको नहीं लगता कुछ ऐसा ही डेनमार्क के कार्टूनिस्ट ने भी सोचा होगा, आप कही न कही म.फ. हुसैन को प्रोटेक्ट करने की भाषा का इस्तेमाल कर रही है

के द्वारा
April 1, 2010

m. f. hussain par rasuka lagni chahiye,, aur rahi baat hinduo ki to ye mahaan desh hai bhai!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

    siddhant के द्वारा
    April 3, 2010

    you are very right …………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    जनाब आप इसे कृपया शेयर करे अपने दोस्तों से………अगर हो सके तो ही……

RUBINA के द्वारा
April 1, 2010

neeche miss sunita ne likha hai सही है पाण्डेय जी धर्मं की रछा सर्वोपरि होनी चाहिए. to un logo ko ab tak saza kyun nahin mili jo babri vidhvans me sammilit the. jinhone na sirf musalmano ki bhavnao ko ahat kiya baliki ek etehasik imarat ko bhi shati pahunchayi. kyun kyunki wo hindu hain …………… thodi der ke liye yeh bhool jaiye ki hum sab hindu hain ya musalman………….. hum insan hain………………… tab na sirf am af husain ko saza milege balki babri vidhvans me sammilit log bhi saza ke patr honge. yadi mere in shabdo se kisi ki bhavnaye ahat huin ho to me shama chati hun. par sabhi ko bina pakshpat kiye sach ko swikarna chaye. dhanyewad

    siddhant के द्वारा
    April 1, 2010

    you are very right rubina ji…………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    Ravendra Nath Pandey के द्वारा
    April 1, 2010

    madam – shayad aap bhool rahi hain Babari Masjid bhi kabhi mandir tha.

    subhash के द्वारा
    April 2, 2010

    rubina ji i believe u hv not any knoledge of history muslim attackers broke the temple and built mosque the hindues just correct the mistake just try one example when hindues attacked other religious place but they always respect these places and if u hv already raised the question then tell why muslims favour pak team when it plays against india please dont take it personal i hv solid example

RUBINA के द्वारा
April 1, 2010

ap ne jo bhi kaha kafi had tak thik hai. am.af.hussain ko atankwadi keh rahe hain. good lekin un logo ko kya kahege jo bhartiye hone ki duhaiyi dete hain lekin state ke adhar par dhram ke adhar par desh ko bat rahen hai. aur phir bhi satta mei hain un ke bare me kuch kyun nahin likhte…………… kyun kyunki am.af.hussain muslim hai…….aur wo sab hindu dar lagta hai apko

    samta gupta के द्वारा
    April 1, 2010

    rubina ji aise log jo bhasa ke aadhar par desh ko baantate hain wo gaddar hain aur jo dharm ke naam par desh ko baantate hain unko mohammad ali jinnah kahenge

    khalid के द्वारा
    April 8, 2010

    weii done rubina keep itup

    kabir के द्वारा
    April 9, 2010

    रूबिना जी नमसकार वेल सैड, आप काफी खुले और बेबाक विचार रखती है पढ़ कर अच्छा लगा अब अपने ऐसे ही विचार जरा पैगम्बर मोहम्मद साहब के कार्टून जो डेनमार्क में बने थे उस पर भी व्यक्त करिए

NIKHIL PANDEY के द्वारा
March 30, 2010

amresh ji समाज में ऐसे घटिया जन्तुवो के पक्ष में बोलने वाले बहुत से बेहुदे भरे पड़े है …मेरा उनसे यही कहना है की वे एक बार अपने घर की बहुत बेटियों की तस्वीर एम्. ऍफ़, हुसैन से जरुर बनवाकर अपना उद्धार करवा ले ……. ताकि उनका नाम भी चर्चित लोगो की श्रेणी में आ जाये……. आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा मुझे… ओसे लोग सजा के ही पत्र होते है

    siddhant के द्वारा
    April 1, 2010

    you are very right निखिल पाण्डेय जी …………. very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    Ravendra Nath Pandey के द्वारा
    April 1, 2010

    Halla Bol. hum apke saath hain.

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    अगर थोडा सा वक्त हो तो कृपया शेयर करे इसे सबसे…..

Vikash के द्वारा
March 30, 2010

पहले तो मै आपको धन्यबाद देना चाहूँगा की आपने बहुत ही अच्छा पोस्ट लिखा है ! ये हमारे देश में ही ऐसा हो सकता है की हमारी भावनाओ के साथ खिलवाड़ करने वाले को भी हमलोग इतनी इज्ज़त देते ही जिनका वो हक़दार भी नहीं होता है ! M F HUSSAIN जैसा गद्दार को कभी भारत क्या किसी भी हिन्दू देश में प्रवेश की अनुमति न जाये ! ये कभी भारत में आया तो समझ लीजिये की हमारे देश के नेता भी अपनी माँ बहन की पेंटिंग बनवाने के लिए बुलाये है ! मै सिर्फ इतना कहना चाहूँगा की M F HUSSAIN मुस्लिम न हो के हिन्दू होता और वो यदि ऐसी पेंटिंग मुस्लिम के लिए बनाता तो क्या हमारे देश की सरकार इतनी ही चुप रहती ?? हमारे देश में ही ऐसा हो सकता है कि १ गरीब आदमी को जिसने १ अमीर बच्ची के बलात्कार के जुर्म में फांसी दे दिया गया है उस घटना के बाद क्या हमारे देश में बलात्कार के घटना में कोई कमी आई है , नहीं आई है ! मै न तो हिन्दू और न मुस्लमान के हैसियत से बोल रहा हु बल्कि मै आस्था के साथ जो खिलवाड़ किया गया है मै वो पूछना चाहता हु अपने देश की सरकार से !

    siddhant के द्वारा
    March 31, 2010

    धन्यवाद ………बहुत सही कमेन्ट दिया आपने आपका आभारी रहूँगा मैं…….. जल्द ही ऐसे सेकुलरिस्ट जो की नकाब में है उन्हें बेनकाब करूँगा मैं………. बस आप लोग इस आग को हवा दे दीजिये…..

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    please share it with evryone

subhash के द्वारा
March 30, 2010

aapka lekh bahut achcha laga lekin is budhe se jyada khatarnak hai ye secularist jo is bastard ka support karte hai sabse pahle hamen in logo ko jabab dena hoga akhir ham hindu jo is motherland ke sachche varis hai kyo in muthibhar logo ki kathputali bane hai akhir kab tak chlega secularism ke naam par hindu janta ka soshan samay aa gya hai sivaji banne ka

    siddhant के द्वारा
    April 1, 2010

    you are very right सुभास भाई ..आपके ही नाम के थे नेता जी….आप इस आंधी को जूनून दे ………… very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    प्लीज़ शेयर इट विद आल

kmmishra के द्वारा
March 30, 2010

एम.एफ.हुसैन को वही लोग कतर से बुला रहे हैं जो कि अपने घर की औरतों को कतर नहीं भेज सकते उनका नग्न चित्र हुसैन से बनवाने के लिये । हुसैन एक भगौड़ा है । और जो उसको माफ करने की मांग कर रहे हैं उन्हें भारत के कानून पर जरा भी भरोसा नहीं है ।

    siddhant के द्वारा
    April 1, 2010

    you are very right mishra ji… very soon i will be back with some facts and points………. plz keep watching this page………… only comments can give me driving force

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    plz share it with all

darshanbaweja के द्वारा
March 30, 2010

NICE POST

    lover boy के द्वारा
    March 30, 2010

    धन्यवाद्

    siddhant के द्वारा
    April 7, 2010

    plz share it with all ur friendsssss

lover boy के द्वारा
March 29, 2010

जय हिंद का तो तभी नारा हो जब की देश में फासी ने इसे मारा हो

hacker के द्वारा
March 29, 2010

हा भाई ऐसे आदमी को तो चौराहे पे खड़ा करके मर देना चाहिए.

up के द्वारा
March 29, 2010

Jo Bole So Nihaal..Shat Shri Akaal…….. ! मरो ऐसे दुष्ट को

SWATI के द्वारा
March 29, 2010

लेकिन हम तो कानून नहीं तोड़ सकते है ना………….

    Ravendra Nath Pandey के द्वारा
    April 1, 2010

    || यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर भवति भारत अभ्युत्थानं धर्मस्य तदात्मानंस्राजम्यहम ||

sunita के द्वारा
March 29, 2010

सही है पाण्डेय जी धर्मं की रछा सर्वोपरि होनी चाहिए

SWATI के द्वारा
March 29, 2010

वह सिद्धू साहब ,बहुत सही लिखा है आपने हम लडकियों को ही झाँसी की रानी बनना पड़ेगा,ये नेता लोग कुछ नहीं करने के है

    ranjana के द्वारा
    March 31, 2010

    too good……………….siddhant

    bimlesh के द्वारा
    April 2, 2010

    jo bhi aap ne likha hai panday ji us point kaphi dam hai par kaya is deh k neta ko jinhe apni gaddi se payara kuch bhi nahi wo u


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